गाडो गुलबंद लोकगीत को मिला फ्यूजन का रूप ! दर्शकों को पसंद आया पहाड़ी फोक का नया अंदाज!!

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लोकगीतों की बात हो और स्व चंद्र सिंह राही का नाम न आए ऐसा कैसा हो सकता है,गाडो गुलबंद लगभग सौ से डेढ़ सौ साल पुराना लोक गीत है! इस गीत में सास बहु की मीठी मीठी नोक-झोक है!इस गीत को सर्वप्रथम1984 में स्वर्गीय श्री चंद्र सिंह राही जी ने कैसेट में रिकॉर्ड किया था और इस गीत को बीना कुकरेती जी ने गाया था! श्री चंद्र सिंह राही जी का प्यार लोकगीतों से काफी पुराना है! यह उनके द्वारा शोध किये गए लोकगीतों के खजाने में से एक गीत है!

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लोकगीत को फ्यूज़न करने का कारण यही है की युवा पीढ़ी तक लोकगीत पहुँच सके और युवा पीढ़ी उसे अपना सके और अपनी संस्कृति से जुड़े रहें। फ्यूजन Pahadi Soul यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ हुआ है जो अब तक 1.1 मिलियन व्यूज पा चुका है,इस लोकगीत के फ्यूजन में माया उपाध्याय एवं आन्या पंवार ने गाया है। वीडियो को अन्य चित्रगीतों से अलग हटकर बिल्कुल अलग अंदाज में प्रस्तुत किया है जिसे पहाड़ी फोक स्टूडियो नाम दिया गया,नवीनता के साथ सुन्दर स्वरों से सजा ये गीत बार बार श्रवण एवं दृश्याकिंत करने आतुर है। सभी गायक, कलाकार, एवं वाद्ययंत्र वादकों का प्रयोग नवपीढी के अनुसार सटीक है। इससे नवपीढी अपनी बोली भाषा के निकट आयेगी और उन्हें भी कुछ करने की प्रेरणा मिलेगी।

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सास-बहु की नोंक-झोंक को दर्शाता ये लोकगीत फ्यूजन के रूप में काफी असर छोड़ चुका है इसे फ्यूजन का रूप दिया है संगीतकार राकेश भरद्वाज ने। अपने लोकगीतों को जीवंत रखने का इससे बेहतरीन प्रयास और कुछ नहीं हो सकता।समय के साथ सुनने वालों की पसंद में भी अंतर आया है अब श्रोताओं को पुराने गीत मॉडर्न संगीत के साथ ही पसंद आते हैं,इसी-लिए संगीतकार राकेश भारद्वाज ने इसे अलग ही अंदाज में पेश किया और जिसने भी ये गीत सुना और देखा वो बिना वाह! कहे न रह सका।

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आधुनिक संगीत के साथ इस गीत को नया जीवन मिला और फिर से श्रोताओ को ऐसे लोकगीत सुनने को मिले,गीत में पहाड़ी रैप भी सबको अपनी ओर जरूर आकर्षित करता है जिसे हरीश रावत ने गाया है।
ड्रम,गिटार,बांसुरी की सुरीली धुन से बना ये फ्यूजन अलग ही स्तर का हो जाता है। दर्शकों को वीडियो देखकर इसका आभास हो जाएगा। आपको गीत-संगीत और वीडियो को देखकर एक पल के लिए हिंदी गीतों की याद आ जाएगी लेकिन सच यही है कि यह एक उत्तराखण्ड का लोकगीत है जिसे फ्यूजन का रूप दिया गया है।
(खास बात जिन पाठकों को गुलबंद के बारे में नहीं पता है उनको जानकारी दे दें गुलबंद पहाड़ी महिलाओं का गले में पहने जाना वाला आभूषण है)

मचंद्र सिंह राही के लोकप्रिय गीत हिट वे सुवा को किया रीक्रिएट ! देखें वीडियो में

हिलीवुड न्यूज़
राकेश धिरवांण
देखिए येगाडो गुलबंद लोकगीत नए अंदाज में:

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