Breaking News

‘शम्मी कपूर जैसा स्टार कोई नहीं’ : ऋषि कपूर

Shammi Kapoor

बॉलीवुड में शम्मी कपूर ऐसे अभिनेता रहे हैं जिन्होंने उमंग और उत्साह के भाव को बड़े पर्दे पर बेहद रोमांटिक अंदाज में पेश किया। जीवन की मस्ती को अपने किरदार में जीवंत करने वाले शम्मी कपूर की फिल्मों पर नजर डालने पर पता चलता है कि उन पर फिल्मायें गीतों में गायकी संगीत संयोजन और गीत के बोलों में मस्ती की भावना पिरोयी रहती थी। बार बार देखो हजार बार देखो और चाहे मुझे कोई जंगली कहे जैसे गीतों से आज भी उनकी बागी छवि की तस्वीर सिनेप्रेमियों के जेहन में उतर आती आती हैं। शम्मी कपूर को रिबेल स्टार (विद्रोही कलाकार) की उपाधि इसलिये दी गयी क्योंकि उदासी, मायूसी और देवदास नुमा अभिनय की परम्परागत शैली को बिल्कुल नकार करके अपने अभिनय की नयी शैली विकसित की।

Shammi Kapoor

पहाड़ से जुडी कहानी ”पहाड़ कालिंग 2” दिल को छू लेगी

हाल ही में ऋषि कपूर ने शम्मी कपूर को याद कर उनके लिए एक ट्वीट किया है। साथ ही ऋषि कपूर ने शम्मी कपूर की एक फोटो भी शेयर की है। ऋषि लिखते हैं कि शम्मी कपूर को याद कर रहा हूं। वे हमें 14 अगस्त 2011 को अलविदा कह गए थे। उनके जैसा स्टार कोई नहीं।

शम्मी कपूर का फिल्मी करियर

21 अक्टूबर 1931 को मुंबई में जन्में शम्मी कपूर के पिता पृथ्वीराज कपूर फिल्म इंडस्ट्री के महान अभिनेता थे। घर में फिल्मी माहौल होने पर शम्मी कपूर का रूझान भी अभिनय की ओर हो गया और वह भी अभिनेता बनने का ख्वाब देखने लगे । वर्ष 1953 में प्रदर्शित फिल्म जीवन ज्योति से बतौर अभिनेता शम्मी कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री का रूख किया। वर्ष 1953 से 1957 तक शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिये संघर्ष करते रहे। इस दौरान एक के बाद एक उन्हें जो भी भूमिका मिली उसे वह स्वीकार करते चले गये। उन्होने ठोकर, लड़की, खोज, मेहबूबा, एहसान, चोर बाजार, तांगेवाली, नकाब, मिस कोकोकोला, सिपहसालार, हम सब चोर हैं और मेम साहिब जैसी कई फिल्मों मे अभिनय किया लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुयी।

Video Viral : सलमान खान को आया गुस्सा, क्या है मामला ?

अलग थी बॉडी लैंवेज

शम्मी कपूर जब फिल्म इंडस्ट्री में आये तो उनका फिगर आड़ी तिरछी अदायें और बॉडी लैंग्वज फिल्म छायांकन की दृष्टि से उपयुक्त नहीं थे लेकिन बाद में यही अंदाज लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बन गया। उनके लिये संगीतकारों ने फड़कता हुआ संगीत, युवा मन को बैचेन करने वाले बोल और गीतकारों को संगीतकारों के तैयार की गयी धुन का बारीकी से अध्ययन करके गीत लिखने पड़े। इसे देखते हुए महान पार्श्वगायक मोहम्मद रफी ने अपनी मधुर आवाज से जो शैली तैयार की वह उनके लिये सर्वथा उपयुक्त साबित हुयी।

B’Day SPL: हिना खान के इस विवादित बयान पर हंसिका मोटवानी ने दिया था करारा जवाब

आज के दौर में इंटरनेट के कई लोग दीवाने हैं। दिलचस्प बात यह है कि शम्मी कपूर फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं देश मे भी इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले कुछ प्रारंभिक लोगों में है। अपने दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर खास पहचान बनाने वाले शम्मी कपूर 14 अगस्त 2011 को इस दुनिया को अलविदा कह गये। शम्मी कपूर ने अपने पांच दशक के सिने करियर में लगभग 200 फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ उल्लेखनीय फिल्में हैं, रंगीन रातें तुमसा नहीं देखा, मुजरिम, उजाला, दिल देके देखो, जंगली, प्रोफेसर, चाइना टाउन, ब्लफ मास्टर, कश्मीर की कली, राजकुमार, जानवर तीसरी मंजिल, ऐन इवनिंग इन पेरिस, बह्मचारी, तुमसे अच्छा कौन है प्रिंस, अंदाज, जमीर, परवरिश, प्रेम रोग, विधाता, देशप्रेमी, हीरो विधाता आदि।

Facebook Comments

About Hillywood Desk

Check Also

sanju-silodi-and-neha-pair-will-soon-be-seen-on-screen-shooting-is-going-on-in-chamba

संजू सिलोड़ी और नेहा की जोड़ी जल्द स्क्रीन पर नजर आएगी,चम्बा में चल रही है शूटिंग।

हार्दिक फिल्म्स के बैनर तले बन रहे गढ़वाली प्रेम गीत मन डोलला की शूटिंग इन …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: