प्रोफ़ेसर अरविन्द रावत के गानों में दिखती है पहाड़ के गाँव की झलक

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Arvind Rawat
    देहरादून :
    बिनसिरि बिटी रांदी ब्याखुनोंयों त्वे तें आँखि खोजलि साथिनों।

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    जब भी आप प्रोफ़ेसर शब्द सुनते होंगे तो मन में आता ही होगा एक कठोर स्वाभाव वाला इंसान होगा अड़ियल सा हालांकि ये बात आपको आज झूठ लगेगी। इतने सौम्य स्वभाव के हैं हमारे प्रोफेसर साहब अरविन्द सिंह रावत जो असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर उत्तराँचल यूनिवर्सिटी में कार्यरत हैं और संगीत के प्रति उनका प्रेम किसी से भी छुपा नहीं है जब भी समय लगता है अपनी कलम से ऐसी रचना करते हैं जो कि अंतरात्मा तक छू जाते हैं।
    अरविन्द रावत वैसे तो कई गढ़वाली गीत लिख और गा चुके हैं जिनमे काजल को घेरो ,साथ माया को ,साथ छोड़ी जै न।
    लेकिन आज आपको हम बता रहे हैं उनके गीत बिनसिरि बिटी रांदी ब्याखुनोंयों त्वे तें आँखिखोजलि साथिनो के बारे में जिसमे उत्तराखंड की स्वर कोकिला कही जाने वाली मीना राणा भी सुर मिला रही हैं।

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    जो कि अरविन्द सिंह रावत के यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ हुआ है जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया है
    प्रो साहब की ये बात औरों से अलग बनाती है कि वो अपने गीत खुद लिखते हैं और गाते भी हैं उनका सफर 2018 से ही शुरू हुआ था एल्बम सिलेबाना से पर इतने कम समय में इतने पसंद किए गए उनके गीत की हर किसी के चहेते बन बैठे जो अच्छे अच्छों के लिए सपना बन जाता है।
    प्रेम के गीतों की असल परिभाषा इनके गीतों से ही मिलती है जब उत्तराखंड में न जाने तरह तरह के गीत चलन में हैं भांति भांति की बाँदें भरी पड़ी हैं उससे हटकर इन्होने गीत लिखा बिनसिरि बिटी रांदी ब्याखुनोंयों त्वे तें आँखि खोजलि साथिनो जिसमे अपनी प्रेयषी को सम्बोधित किया है कि सुबह से शाम तक मेरी आँखें बस तुझे ही ढूंढ़ती हैं उधर से भी जवाब आता है पहाड़ी प्रेयषी है तो घर के काम धाम तो होंगे ही इसी पर उत्तर आता है काम धाम बहुत है मेरु ज्यू (दिल) भी कर रहा है तेरे गाँव आने का पर काम से फुरसत मिले ना.
    इसी दिन भर की हलचल पर पूरा गीत लिखा है और साथ में ह्युन्द के झुमेलो का जिक्र भी आप सुनेंगे।
    गीत की सारी जानकारी आपको बता देंगे तो बात नहीं बनेगी उसके लिए तो गीत सुनना ही पड़ेगा।
    मेलॉडियस आवाज के धनि अरविन्द रावत और मीना राणा का ये गीत आपको जरूर पसंद आएगा
    अपने पाठकों शुभचिंतकों को जानकारी दे दें कि अरविन्द रावत टिहरी गढ़वाल के चमियाला कोठगा गाँव भिलंगना ब्लॉक् के हैं.

    आप भी सुने और देखें
    https://youtu.be/W2sKkqHoio4

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