303 लाख रुपये में बनेगा नया लक्ष्मण झूला पुल, कुंभ-2021 से पहले हो जाएगा तैयार

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Laxman bridge
उत्तराखंड एक धार्मिक स्थल है और यहा की हर वस्तु में भगवान का वास होता है यह तो सभी जानते है की उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है साथ ही ऋषिकेश को योगभूमि व तपोभूमि के नाम से जाना जाता है | आपको बता दें ऋषिकेश जहां के कण कण में भगवान को पूजा जाता है साथ ही यहां पर पुलों का नाम भी भगवांनो के नाम से ही है जैसे लक्छ्मण झूला, राम झूला | यह पूल माँ गंगा को पार करने के लिए बने हुए है जो काफी वर्षो पुराने है | लेकिन अब इनमे से एक पुल लक्छ्मण झूला थोड़ा छतिग्रस्त होने लगा है जो कि कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।

Laxman bridge

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उत्तराखंड सरकार ने ऋषिकेश में गंगा नदी पर बने क्षतिग्रस्त और जीर्ण-शीर्ण हो चुके लक्ष्मण झूला पुल को नए तरीके से बनाने के लिए 303.60 लाख रुपये जारी कर दिए हैं. पुल की हालत खराब होने के बाद इस पर यातायात बंद कर दिया गया था. लगभग 90 साल पुराना यह ब्रिटिश काल में बना था. जनपद टिहरी गढ़वाल और जनपद पौड़ी गढ़वाल के मध्य मुनि की रेती में बने इस पुल की हालत काफी खराब हो गई थी. इसके बाद लक्ष्मण झूला पुल पर यातायात बंद कर दिया गया था. लगभग 90 साल पुराना यह ब्रिटिश काल में बना था.

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नए पुल की अपस्ट्रीम साइड में पैदल झूला पुल बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने जगह का चुनाव कर लिया है. साथ ही 150 मीटर का पैदल झूला पुल बनाने के लिए जगह चुनने के बाद अब जल्द ही नया पुल बनकर तैयार किया जाएगा. इसे 2021 के कुंभ तक पूरा कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है. उत्तराखंड सरकार में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि पुल के निर्माण से पूर्व पहले चरण के कामों जैसे जमीन और ढांचे को फाइनल करना, यूटिलिटी शिफ्टिंग, विस्तृत सर्वेक्षण, डिजायन/ड्राइंग और पुनरीक्षण जैसे कार्यों का संज्ञान लिया गया है. साथ ही शासन से शुक्रवार 2 अगस्त, 2019 को इन कामों के लिए 303.60 लाख रुपये की स्वीकृति भी मिल गई है.

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आदेश दिए थे कि किसी भी जनहानि से बचने के लिए तुरंत लक्ष्मण झूला पुल को बंद कर दिया जाए. इसके बाद पुल के दोनों ओर से बाकायदा वेल्डिंग कर लोहे की चादर से सील कर पुल को बंद भी कर दिया गया था. पुल के बंद होने पर कई लोगों ने विरोध भी किया था. बहरहाल पहले चरण का काम पूरा हो चुका है. 2021 में होने वाले कुंभ मेले से पहले पुल निर्माण पूरा कराया जाना तय हुआ है. सरकार ने तय किया है कि पुराने लक्ष्मण झूला सेतु पर रेट्रोफिटिंग करके उसे पर्यटन के लिहाज से धरोहर के रूप में उपयोग में लाया जाएगा.

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सीमा रावत की रिपोर्ट

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