Breaking News
NEGI DA

उत्तराखण्डी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु नेगी दा की” धै ” ! कब जागेगी सरकार ?

उत्तराखण्ड की लोकप्रिय आवाज गढ़रत्न अपने गीतों से आज जिस मुकाम पर हैं उनके कन्धों पर उतनी ही जिम्मेदारी अपनी संस्कृति के प्रति भी है ,अपने गीतों के माध्यम से गढ़रत्न नेगी ने हर दर्द को आवाज दी है। चाहे पहाड़ी नारी का दर्द हो या उम्र का पड़ाव पार कर चुका वृद्ध हर किसी की पीड़ा को गीतकार एवं लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने गीतों के माध्यम से उकेरा।

जरूर पढ़ें : नेगी दा के बारे में ये दिलचस्प बातें जानते हैं क्या आप

एक गीतकार गायक होने के साथ ही गढ़रत्न नेगी एक कवि भी हैं और कई मंचों से अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं,कवि सम्मेलन को भाषा का आंदोलन कहने वाले कवि नेगी उत्तराखण्ड की लोकभाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित करवाने हेतु लगातार प्रायसरत हैं।

जरूर पढ़ें : 18 मई को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे केदारबाबा के दर्शन! वाराणसी सीट पर इसी दिन होना है अंतिम चरण का मतदान !

गढ़वाली कवि सम्मेलन के दौरान लोककवि नरेंद्र सिंह नेगी की कविता मुल्क को रैबार त्वेकू ,ठेर खड़ा-खड़ी सुणिक जा।सरकार के प्रति एक “धै ” पुकार है। साथ ही युवा पीढ़ी को भी अपनी लोकभाषा सीखने का सन्देश दिया है।

जरूर पढ़ें : नेपाली रांसों गीत यूट्यूब पर हिट ! मानो न मानो हिट देने का फार्मूला अनिशा रांगड़ और केशर पंवार के पास है !

गढवाली कवि सम्मेलन के संरक्षक नरेन्द्र सिंह नेगी हैं तथा संयोजन समाजसेवी संजय शर्मा दरमोडा ,एवं संचालक ओम प्रकाश सेमवाल हैं। ओम बधाणी ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर यह कवि सम्मेलन उपलब्ध है देखिए क्या कहते हैं गढ़रत्न लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी।

Hillywood News
Rakesh Dhirwan

Facebook Comments

About Hillywood Desk

Check Also

मधुली नया गढ़वाली गीत हुआ रिलीज,संकल्प खेतवाल और दीपशिखा ने दी आवाज, पढ़ें।

मधुली नया गढ़वाली गीत हुआ रिलीज,संकल्प खेतवाल और दीपशिखा ने दी आवाज, पढ़ें।

उत्तराखंड के युवा गायक संकल्प खेतवाल (Sankalp Khetwal) और दीपशिखा की जुगलबंदी में मधुली (Madhuli) …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: