उत्तराखण्ड संगीत जगत की उभरती गायिका – ममता पंवार

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Mamta Panwar With Her Mother
ममता पंवार अपनी माता जी के साथ

पैदा होने से पहले ही पिता का साया छिन जाना फिर भी हिम्मत न हारने का नाम है ममता पंवार।
जानिए उत्तराखंड संगीत जगत की उभरती गायिका ममता पंवार के बारे में।

ममता पंवार जी का जन्म 12 Nov 1995 को टिहरी गढ़वाल स्थित ग्राम छतियारा बासर में पिता स्व: सोबन सिंह पंवार तथा माता जी श्रीमती सुंदरा देवी के के परिवार में हुआ।

माता पिता दोनों ही कृषक रहे है।  जबकि पिता जी का देहान्त ममता के जन्म से पहले ही हो चुका था जब वो माँ के गर्भ में थी। इस बात से वो आज भी भावुक हो जाती है कि कुदरत का ऐसा कहर उन्होंने झेला कि पिता जी की शक्ल भी नहीं देख पायी।

Family-परिवार

परिवार में इनके अलावा माता जी और एक बड़े भाई जी है जिनके दो बच्चे और धर्मपत्नी है। ममता के अनुसार परिवार का पैतृक स्थान टिहरी जनपद में ही कांगड़ नामक गाँव है परन्तु उनके पूर्वज उस स्थान से छतियारा बासर पट्टी के ग्राम सभा कर्ण गाँव में आकर बस गए थे।

 

ममता बताती है कि पहले उनकी माता जी, बड़े भाई एवं बाद में भाभी जी ने उन्हें कभी ये एहसास ही नहीं होने दिया कि उनके परिवार में पिता का साया नहीं रहा।

Mamta Panwar With Brothe
ममता अपने भाई जी के साथ

Education-शिक्षा

उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के ही प्राथमिक विद्यालय  से हुयी, जिसमे 1 से 5 वी तक की पढाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय छतियारा, 6 वी से 10 वी तक राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टिहरी तथा 11 वी से 12 वी राजकीय इंटर कॉलेज चमियाला टिहरी गढ़वाल से हुई।

उन्होंने स्नातक में BA बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल केमर टिहरी गढ़वाल से किया और अभी उनकी MA की पढाई चल रही है।

Profession-पेशा या व्यवसाय

बचपन से ही सुरीले गले की धनी ममता ने व्यवसाहिक म्यूजिक के फील्ड में अपना पहला कदम अक्टूबर सन 2017 में “बौडी ऐगे बग्वाल” (हिंदी में अर्थ है : दीवाली का त्यौहार लौट आया।) नाम के सुपरहिट गीत से की थी।

इस गाने को श्री सोहन रावत जी ने लिखा था और इसमें उनके सह गायक उत्तराखण्ड संगीत जगत के सबसे ज्यादा सुने जाने वाले और हम सभी के चहेते केशर पंवार थे।

ये सुपरहिट गाना BGJ फिल्म्स के बैनर तले रिलीज़ हुआ।

जैसा कि आप सभी जानते है कि इस गाने को आप सभी लोगो ने बहुत प्यार दिया जिसका ममता पंवार जी आप सभी का दिल से धन्यवाद अदा करती है।

पहले ही गाने में धूम मचाने के बाद तो मानो ममता जी ने गानों की बौछार लगा दी।

जबकि ममता जी कहती है कि अच्छा गला होना ही सब कुछ नहीं होता है आपको हमेशा कुछ न कुछ सीखते रहना चाहिए होता है।  ममता जी बताती है कि स्कूल के समय में उन्होंने खूब गया हर एक प्रितियोगिता में भाग लिया परन्तु आगे चलकर एक सिंगर बनूँगी ऐसा कभी सोचा न था।

परन्तु कहते है न कि यदि नीयत साफ हो तो कभी मंजिल भी आपको ढूंढ लेती है। कुछ लोग मंजिल को ढूंढते ढूंढते भी रास्ता भटक जाते है पर कही खुश नसीब ऐसे भी होते है जिनको पाने को मंजिले बैताब होती है।

ममता जी भी अपने आपको उन भाग्यशाली में से एक मानती है। यही कारण है कि उन्होंने एक बार जब मौका मिला तो उन्होंने अपनी तरफ से मेहनत में कोई कौताही नहीं की।

वो बताती है कि शुरुवात में उन्हें गाँव से रिकॉर्डिंग के लिए जब देहरादून आना पड़ता था तो बड़ा असहज महसूस करती थी कि पता नहीं में अच्छा गए पाऊँगी कि नहीं, इतने लोगो के सामने कैसे गाऊँगी, ये सब।

परन्तु उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि अगर परमपिता परमेश्वर ने उन्हें इस काम के लिए चुना है और सुनने भी इतना प्यार दे रहे है।  अब कुछ भी हो जाये तो मैं कभी किसी दिक्कत परेशानी से रूकूंगी नहीं और अपने  लक्ष्य में आगे ही बढ़ती रहूंगी।

अभी तक उन्होंने 300 से ऊपर सुरीले और हिट गानों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है।

उनका सबसे हिट सांग “होटेला की नौकरी” ने तो मानो यूट्यूब पर व्यूज की झड़ी सी लगा दी थी और इसी सांग से ममता जी को काफी नाम और शौहरत भी हासिल हुयी।

फिर तो ममता जी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और कोरोना काल से पहले उन्होंने कुछ स्टेज शो भी किये और बहुत सारी बुकिंग पेंडिग भी थी।

गढ़वाली ज़ुबान के अलावा उन्होंने जौनसारी एवं कुमाउनी में भी गीत गाये जो काफी पसंद भी किये गए।

Hit Songs-हिट सांग

होटला की नौकरी”, “प्यारी तू खुदे ना”, “तुम विदेश मा”, “दिल” उन्होंने “शिवजी का कैलाश” नाम का एक जागर भी गाया जो लोगो द्वारा बहुत पसंद भी किया गया।

Hobbies-शौक

ममता जी को सिंगिंग के अलावा सांग लिखना और सुनना बेहद पसंद है।  उनका कहना है कि सुर कोकिला मीणा राणा जी की तो वो डाई हार्ट फैन है। उनके अलावा वो सभी सिंगर्स को सुनती है परन्तु अनुराधा निराला, पदमश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण जी व गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी जी को भी बड़े चाव से सुनती है। और उनके गानों से बहुत कुछ सीखती है।

उन्होंने काफी सारे गाने भी लिखे है जिन्हे उन्होंने गाया भी है जिनमे से कुछ निम्न प्रकार है।

  1. तुम विदेश मा
  2. दिल
  3. दुखियारू भाग
  4. पसंद
  5. उत्तराखंड पलायन

आदि।

Experience-उनके अनुभव

ममता जी बताती है कि उन्होंने शुरुवाती दौर में काफी सारे न्यू कमर्स के साथ गाने गाये और उन्ही लोगो से उन्हें काफी कुछ सीखने को भी मिला।  उनका मानना है कि जीवन में आपको हमेशा कुछ न कुछ सीखने को मिलता रहता है और आपको सीखने की ललक होनी चाहिए।

“धन्यवाद करती हूं उन सभी कलाकारों का।”

ममता जी की इंगेजमेंट हो चुकी है और उनके होने वाले पति श्री परवेश सिंह बिष्ट जी एक अध्यापक है।

अक्टूबर 2021 को उनकी शादी होना भी तय है।

Short Biography of Mamta Panwar Garhwali Famous Singer

Name Mamta Panwar
DOB 12th Nov; 1995
Height 5 feet 2 inches
Village Chhatiyara Basar Tehri Garhwal
Weight 45kg
Father Name Late Soban Singh Panwar
Mother Name Shrimati Sundra Devi
Siblings 1 (Elder brother )
Education MA (Pursuing)
Sex Female
Boyfriend Name (Fiancée) Mr. Parvesh Singh Bisht
Hobbies Listening to Music, Singing & Writing Songs
Zodiac Sign (Rashi) Leo (Singh)
Marital Status Engaged

 

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Note: Photo credit goes to instgram handle of Mamta Panwar | Content Source-Mamta Panwar.