वीडियो : ग्रामीण परिवेश को दर्शाता एक चित्रगीत ‘गुड्डू का बाबा टोटगा पड्यां छिन’ दर्शकों को खूब पसंद आ रहा है।

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hema negi karasi saurabh maithani

ग्रामीण परिवेश की कहानी दर्शाता एक चित्रगीत ‘गुड्डू का बाबा आजकल यूट्यूब पर वायरल हो रहा है।हेमा नेगी करासी ऑफिसियल यूट्यूब चैनल पर रिलीज़ हुआ ये गीत एक ऐसे विवाहित जोड़े की कहानी पर आधारित है जो कि घर-घर की कहानी है।दरअसल कुछ समय पहले यूट्यूब पर कुछ महिलाओं द्वारा ये पारम्परिक गीत गाया गया था जो बहुत वायरल हुआ।गीत में संशोधन करके नए शब्दों से गीतकार सौरभ मैठाणी ने गीत की रचना की,हेमा नेगी और सौरभ मैठाणी की जुगलबंदी में ये गीत रिकॉर्ड किया गया है।

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ग्रामीण परिवेश की कहानी है तो इसमें अभिनय की भूमिका में भी आपको पहाड़ी यानि कि गिरीश सनवाल ‘पहाड़ी’ दिखेंगे और साथ में हैं निधि गौतम,सरकारी सस्ते गले से मिलने वाली राशन का जिक्र इसमें किया गया है,कोटे की चीनी लेने के लिए गुड्डू की माँ आलसी गुड्डू के बाबा को भेजने का प्रयत्न करती हैं लेकिन आलस से भरपूर व्यक्ति बहाने मारता है कि औरों की घरवाली भी तो जा रखी हैं तुम भी चली जाओ बाजार! मुझे तो बुखार आ रहा है। इसी कहा-सुनी की आवाज जब दूर तक जाती है तो गुड्डू के पिताजी कहते हैं लोगों की बाहर भीड़ लग गई है बदनामी हो जाएगी इसलिए चुप हो जा,वीडियो में गिरीश ‘पहाड़ी’ ठेठ पहाड़ी अंदाज में दिखे और उनके हाव-भाव गीत की मांग के अनुसार एकदम सटीक बैठी वहीँ निधि गौतम ने भी अपने अभिनय के दम पर पहाड़ी नारियों की झलकी दिखा दी। गीत में आप पहाड़ी मजाक भी देखेंगे (‘तनी लिजावा तै टोपलु शूटिंग नी होणी चा- वैसे ही ले जा लो गन्दी टोपी कौनसा फिल्म की शूटिंग हो रही है)

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वीडियो को अगर मनोरंजन के अलावा सामाजिक नजर से देखें तो ऐसी स्थिति आज उत्तराखण्ड की हकीकत बन चुकी है। घर-परिवार की शांति को भंग करने का सबसे मुख्य कारण है गाँव में बढ़ते शराब के कारोबार और शराबियों का घर में लड़ना झगड़ना। अब आप किसी शराबी से क्या उम्मीद कर सकते हैं?जब वो दिन-भर शराब के नशे में झूमता रहता है तो उसे अपने घर की समस्याओं का ख्याल कब आएगा। ऐसे में स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि घर की रोज-मर्रा की जरूरतों को पूरा करना ही मुश्किल हो जाता है जिंदगी का गुजारा चलना तो दूर की बात है। ऐसी स्थति में जिम्मेदारी ऐसी असहाय नारी पर आ जाती है वो अब क्या-क्या करे घरेलू काम करे या आजीविका का साधन जुटाए।

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एक अपील आप सभी पाठकों से अवश्य है ऐसी समस्याओं का जड़ से समाधान करें और खुद को बदलने के साथ ही अपने परिवार परिवेश में औरों को भी इससे होने वाले दुष्परिणामों से बचाएं,और घर-गाँव देश को खुशहाल बनाने में अपना सहयोग करें।


HILLYWOOD NEWS
RAKESH DHIRWAN

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