Employees Strike : सामान्य और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों ने की हड़ताल, सरकारी कामकाज ठप

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Employees strike

सामान्य और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों ने की हड़ताल,सरकारी कामकाज ठप

आज सुबह (सोमवार) से सामान्य और ओबीसी वर्ग के कर्मचारियों ने प्रदेशभर में बिना आरक्षण के पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग पर हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल की वजह से सरकारी विभागों में कामकाज पर काफी प्रभाव हुआ है।दूसरी तरफ सरकार ने आंदोलन पर सख्त रुख अपनाते हुए नो वर्क, नो पे का आदेश जारी कर दिया है। इस सब के बावजूद बावजूद ग़ुस्साये कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेने से इंकार कर दिया है।

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उत्तराखंड में जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने का दावा किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के साथ बातचीत में भी कोई पुख्ता आश्वासन नहीं मिला। इसके चलते एसोसिएशन ने सोमवार से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। सरकारी कर्मचारियों ने हड़ताल के दौरान विभागों में तालाबंदी भी की जिससे हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।

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परेड ग्राउंड में एकत्रित आंदोलरत सरकारी कर्मचारियों ने चेताया कि जब तक उनकी लंबित मांगे पूरी नहीं होती उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने दूसरे वर्ग पुलिस सुरक्षा की माग की। चिंता जताई कि आपसी टकराव न हो जाए। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय कूच सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शनकारियों ने रैली के दौरान, कनक चौक पर ‘नो वर्क नो पे’ के आदेश की फोटोकॉपी भी जलाई।

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वहीं दूसरी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा – कर्मचारियों से गंभीरतापूर्वक वार्ता हुई थी, इसके बाद भी अगर वे कार्य बहिष्कार पर अडिग रहते हैं तो कड़ा निर्णय लेना पड़ेगा। एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री वीरेंद्र गुसाईं ने कहा कि हड़ताल के पहले तीन दिन आवश्यक सेवा के कर्मचारी शामिल नहीं होंगे, पर यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो फिर मार्च से बिजली, पानी, स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो जाएंगे। एसोसिएशन ने पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर के जिला संयोजकों को पत्र लिखकर गैरसैंण में तीन मार्च से प्रारंभ हो रहे विधानसभा सत्र में विधायकों का घेराव करने के लिए निर्देश दिए हैं।

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