फ्वां बाघ रे दुनिया भर में वायरल !बना उत्तराखंड का नंबर 1 गीत !

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स्वर्गीय चंद्र सिंह राही की कलम से कई रचनाएं हुई हो अमर हो गई लेकिन एक रचना ऐसी हुई जिसने सिद्ध कर दिया की संगीत किसी भी सीमा के बंधन में नहीं बंध सकता ये तो अपने श्रोता तक किसी न किसी रूप मैं पहुँच ही जाता है। ऐसा ही हुआ गीत फ्वां बाघ रे के साथ आज ये उत्तराखंड संगीत की दुनिया को पहचान करा रहा है। 

स्वर्गीय चंद्र सिंह राही द्वारा रचित फ्वां बाघा रे गीत को आवाज मिली उत्तराखंड की लोकप्रिय आवाज स्वर्गीय पप्पू कार्की ,कल्पना चौहान एवं संदीप सोनू की।इस गीत की गूँज उत्तराखंड की वादियों से दुनिया के कोने-कोने तक पहुंची और जिसने भी सुना बस थिरकता ही रह गया।

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ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फ्वां बाघ रे गीत पर हजारों वीडियो उपलब्ध हैं जो की इसकी लोकप्रियता के साक्षी हैं और इस धुन पर श्रोता जमकर थिरकते हैं,इसी लोकप्रियता के चलते ये गीत आज उत्तराखंड का पहला ऐसा गीत बन चुका है जिसे यूट्यूब पर 42 मिलियन से अधिक बार देखा और सुना जा चुका है और उत्तराखंड का नंबर एक गीत बन चुका है।

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हालाँकि इस गीत के दो नायक चंद्र सिंह राही और पप्पू कार्की दोनों ही इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं लेकिन उनका ये गीत तो अमर बन ही चुका है अन्य गीत भी अमर करके गए हैं,और अपनी धरोहर यहीं छोड़ कर गए हैं जिसका संरक्षण भावी पीढ़ी को करना है।

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लेकिन कई बार नवोदित कलाकार अपना नाम इनसे जोड़ने के लिए ऐसे गीत गा देते हैं जिससे इन गीतों की आत्मा को ठेस पहुँचती है और इनकी मूलता समाप्त होती है,आप उन्हें समर्पित कर सकते हैं लेकिन अपनी ही रचना बताकर ऐसे अमर कलाकारों का अपमान सरासर अन्याय पूर्ण कार्य है।

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एक वर्ष पूर्व नीलम उत्तराखंडी चैनल से इस गीत को अपलोड किया गया था जो देखते ही देखते आज 42 मिलियन व्यूज का आंकड़ा पार कर चुका है और अभी भी इसके श्रोता हर समारोह में इसकी मांग सबसे पहले रखते हैं,कहते हैं इस दुनिया से कोई कुछ लेकर नहीं जाता लेकिन देकर बहुत कुछ जाता है ये हमें स्वर्गीय राही जी और पप्पू दा ने सिखा दिया।

सम्पूर्ण उत्तराखंड वासियों को इस गीत की सफलता के लिए ढेर सारी बधाईयां।

 

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