Dudhbhasha Garhwali Video : प्रीतम भरतवाण के नये गीत दूधभाषा का हुआ विमोचन

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Dudhbhasha Garhwali Video

दुनिया में वैसे तो अनेक भाषायें है, जो हमें पढ़ाई व सिखाई जाती है। लेकिन हर इंसान की एक भाषा वो भी होती है जो उसे कहीं पढ़ाई सिखाई नहीं बल्कि माॅं से वो भाषा हमें प्राप्त होती है। जिस भाषा में माॅं अपने बच्चे को दूध पिलाते हुए या सुलाते हुए लोरी के रूप में बतियाती है जिसे दूधभाषा भी कहा जाता है। यह दूधभाषा बच्चा अपनी माॅं से पाता है व हमेशा के लिए इस भाषा को अपने अन्तर्मन में बिठा देता है। बच्चा जब कुछ माह का होता है तो वह तुतलाते हुए अपनी दूधभाषा में ही बोलता है यह दूधभाषा जीवनभर उस इंसान के साथ रहती है। दूधभाषा एक ऐसा अमृत रस है, जो मातृभूमि से दूर विदेशों में रहने वालों के दिलों में भी दूधभाषा को जिन्दा रखता है। अब भले ही कोई दूधभाषा में बात न करें लेकिन जब अपनी दूधभाषा के गीत संगीत या शब्दों को सुनता है तो वह मंत्रमुग्ध होकर उस ओर खिंचा चला जाता है।

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वैसे तो हर भाषा का अपना एक महत्व होता है मगर गढ़वाली बोली की बात ही अलग है यह वो बोली है जिसके उच्चारण से ही मन शांत हो जाता है, और यही कारण है कि बाहर विदेशों में रहने वाले जो दूधभाषा को समझ तक नहीं पाते वो भी अपनी दूधभाषा के गीतों को सुनकर उनकी तरफ आकर्षित हो जाते हैं। उत्तराखण्ड की पौराणिक संस्कृति, सभ्यता और बोली को अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बनाने वाले जागर सम्राट पदम्श्री प्रीतम भरतवाण जी की आवाज में एक गीत ‘दूधभाषा’ रिलीज हुआ। इस गीत में गढ़वाली बोली का बखान किया गया है जिस बोली के गीत औषधि का काम करते हैं, जिस बोली में आवाज लगाने पर देवता तक प्रकट हो जाते हैं जिस बोली में वीरों की शोैर्य गाथाओं का वर्णन होता है ऐसी बोली की अनेकों विशेषताओं का वर्णन इस गीत में किया गया है।

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इस गीत को लिखा है प्रदीप भण्डारी ने जो कि हमेशा से उत्तराखण्डी बोली को जीवंत रखने के लिए काम करते हैं तथा अभी तक कई गाने और फिल्में लिख चुके हैं व निर्देशन भी कर चुके हैं। गढ़वाली बोली को लोगों के दिलों में जीवित रखने के लिए प्रदीप भण्डारी ने अपने जन्मदिन 13 अगस्त के अवसर पर प्रेस क्लब देहरादून में दूधभाषा गीत का विमोचन किया। साथ ही इस गीत में संगीत दिया है संजय कुमोला ने।

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इस गीत के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि जो लोग अपनी दूधभाषा बोलने में हिचकिचाते हैं उन लोगों को अपनी दूधभाषा का महत्व इस गीत के जरिये समझ आ सके।
इस गीत को दर्शकों का प्यार व सहयोग मिल रहा है।

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