अपने सपनों के लिए घर से दूर हैं ये कलाकार, लगी घोर की खुद! आप भी देखिये।

0
452
टीम टोर्नेडो

“जब जेबों में हैसियत नहीं थी तब गुल्लक में सपने रहते थे आज उन सपनों की तलाश में खुद को ही ढूंढ रहे हैं,खुद से ही रूठ कर जिंदगी को खुश कर रहे हैं,
वो गलियां,वो घर वो माँ सब छोड़ आए हैं” अक्सर खुद से ये सवाल करते हैं,क्या इस शहर में हम अपनों से कितनी दूर घोर की खुद में आये हैं।
जी हाँ ऐसा ही कुछ कैप्शन दिया गया है team tornado के नए वीडियो ‘घोर की खुद’ को। अपने सपनों की चाहत में घर से निकले कुछ कलाकारों की टोली जिसे टीम टोर्नेडो का नाम दिया गया है,अपने संगीत एवं रचनात्मक कहानियों से सबको अपना मुरीद बना चुके ये युवा आज संगीत जगत में अच्छा नाम कमा रहे हैं। घोर की खुद वीडियो के माध्यम से ऐसे युवकों की कहानी बतलाई गई है जो कुछ कर गुजरने की खातिर घर से दूर हैं और ऐसे में सबसे ज्यादा याद जिसकी आती है वो है एक माँ। अनिरुद्ध चौधरी,सचिन रौतेला,अमित कैंतुरा तीनों युवा गायकों ने अपने दर्द को गीत में बखूबी ढंग से बयां किया है। अपने हालातों को गीत का रूप दिया है तीनों गायकों ने और संगीत रेज_100 ने दिया।

जरूर पढ़ें : परदेश एक अनकही कहानी देखें इस शानदार विडियो को – आप भी कहोगे वाह

वीडियो का निर्देशन मोहित गुसाईं ने किया। घोर की खुद गीत को हिंदी और गढ़वाली को मिश्रित करके बनाया गया है जिसमें गढ़वाली रैप किया गया है। माँ की ममता को युवा गीतकारों ने बहुत ही शानदार ढंग से पेश किया है अपने सपनों को पूरा करने के लिए ये कलाकार दिन रात मेहनत करते हैं और उसी मेहनत का फल हमें स्क्रीन पर देखने को मिलता है ऐसी ही कुछ कहानी बुनी गई है घोर की खुद वीडियो में कि कैसे अपने काम में इतने उलझे हुए हैं घर की याद आ रही है पर घर नहीं जा सकते क्योंकि घर जाने के लिए पैसे शेष ही नहीं है।
इस गीत में हिंदी में कहानी बताने का प्रयास किया गया है जबकि गढ़वाली में रैप के जरिए माँ के दर्द और माँ से जुडी यादों का जिक्र है।

जरूर पढ़ें : “आंदि जांदी सांस ” एक गीत नहीं उत्तराखंड प्रवासियों को सन्देश

कैसे एक नौजवान को अपनी माँ के हाथ से बने हुए खाने के अलावा और किसी खाने में स्वाद नहीं आता,बस फोन पर ही थोड़ी बहुत बात के जरिए दोनों माँ बेटे अपनी यादों को मिटाने की कोशिश करते हैं | माँ का लोरी सुनाना और पापा की डांट से माँ का बचाना सब याद आ रहा है,लेकिन इसके पीछे सपनों का ही कसूर है जिन्हें पूरा करने के लिए जीवन में संघर्ष करना पड़ता है।
त्याग,तपस्या एवं सपनों को पूरा करने की चाहत तीनों का बेमिसाल जोड़ इस वीडियो में देखने को मिला, युवाओं का अपनी कला के प्रति समर्पण भाव उत्तराखण्ड संगीत जगत के क्षेत्र को उज्जवल बना रहा है, आज के युवा कलाकार नया संगीत नई रचनाओं से सबको मनोरंजित कर रहे हैं।

जरूर पढ़ें : रेशमा छोरी गीत बना युवाओं की पहली पसंद अब तक यूट्यूब पर मिले 1 मिलियन से अधिक व्यूज

अगर आपको भी घोर की खुद लग रही है तो ये वीडियो जरूर देखें

HILLYWOOD NEWS
RAKESH DHIRWAN

Facebook Comments