हयूंण गांव के डां0 जगदीश सेमवाल राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित। उत्तराखण्ड के एकमात्र व्यक्ति जिन्हें संस्कृत भाषा के प्रचार -प्रसार के लिए मिला सम्मान !!

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Jagdish Prasad

उत्तराखंड राज्य के संस्कृत भाषा तथा साहित्य के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले पहले व्यक्ति विद्वान डां0 ज्रगदीश सेमवाल को संस्कृत भाषा के प्रचार तथा प्रसार तथा साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिये के लिये वर्ष 2017 का राष्ट्रपति अवार्ड प्राप्त हुआ है। सम्पूर्ण भारत वर्ष के 15 विद्वानों को संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में यह पुरूस्कार मिला है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी में उपराष्ट्रपति वैेंकया नायडू ने श्री सेमवाल को पांच लाख की धनराशि तथा प्रशस्ति पत्र देकर उक्त अवार्ड से नवाजा ।

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वे उत्तराखंड के एकमात्र व्यक्ति हैं, जिन्हें संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरूस्कृत किया गया है। मूलतः जनपद रूद्रप्रयाग के गुप्तकाशी के निकट हयूण गांव के निवासी डां0 जगदीश सेमवाल संस्कृत महाविद्यालय होशियारपुर पंजाब से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। उन्होने वर्तमान तक संस्कृत भाषा पर आधारित 30 से अधिक शोध ग्रन्थ लिखे हैं, जिनमें से अमूमन विभिन्न संस्कृत महाविद्यालयों में कोर्स के अन्तर्गत लाया गया है।

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जिला रुद्रप्रयाग हयूण गांव के निकट शिक्षा की केन्द्रस्थली विद्यापीठ से डॉ जगदीश सेमवाल ने आचार्य की शिक्षा ग्रहण की थी, बाद में उच्च शिक्षा के लिये चंडीगड़ का रूख किया था। यहीं से श्री सेमवाल ने संस्कृत भाषा पर शोध करके पीएचडी पूर्ण की। छुट्टी आदि बिताने के लिये गांव में आने के बाद श्री सेमवाल क्षेत्र के संस्कृत भाषा प्रेमियों को कर्मकांड तथा ज्योतिष की शिक्षा देते हैं। इससे पूर्व श्री सेमवाल को पंजाब सरकार द्वारा संस्कृत साहित्य के क्षेत्र में भाषा विज्ञान द्वारा ढाई लाख की धनराशि की संस्कृत शिरोमणि साहित्यकार सम्मान, बाल्मीकि सम्मान, उत्तराखंड शासन द्वारा कालीदास सम्मान समेत दो दर्जन से अधिक सम्मानों से नवाजा गया है। दूरभाष पर सम्पर्क करते हुये श्री सेमवाल ने बताया कि यह सम्मान अपने स्वर्गीय माता पिता तथा सभी शुभेच्छुओं को समर्पित करते हैं, जिनकी सद्भावना तथा दुआओं से उन्हें यह सम्मान प्राप्त हुआ है। डां0 जगदीश सेमवाल को पुरूस्कार मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मनोज रावत, पूर्व निदेशक संस्कृत अकादमी दिल्ली सरकार डां0 श्रीकृष्ण सेमवाल,पूर्व विधायक श्रीमती शैला रानी, पूर्व जिपं अध्यक्ष चंडी प्रसाद, आनंद मणि सेमवाल, उपहार समिति के अध्यक्ष बिपिन सेमवाल , बैकट रमण समेत अन्य लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुये श्री सेमवाल की मेहनत, लगन और जीजीविषा का साधुवाद किया है।

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इसका आयोजन मानव विकास संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार ने किया था। डाॅ. सेमवाल मूल रूप से उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के तहत आने वाले गुप्तकाशी के निवासी हैं। पंजाब विश्वविद्यालय के विभाग विश्वेश्वरानंद संस्कृत एवं भारत भारती अनुशीलन संस्थान, होशियारपुर से संस्कृत प्रोफेसर के पद से रिटायर्ड और वर्तमान में पंचशील एनक्लेव जीरकपुर में रह रहे हैं। डाॅ. सेमवाल की अब तक संस्कृत साहित्य की 30 किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

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बिपिन सेमवाल । गुप्तकाशी।

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