Breaking News
badrinath

रुद्रप्रयाग के धन सिंह बर्तवाल ने लिखी थी बद्रीनाथ की आरती ! पांडुलिपियों की कार्बन डेटिंग से दूर हुई शंका !

देवभूमि में स्थित भू बैकुंठ बदीनाथ धाम की आरती मौलाना बदरुद्दीन शाह ने नहीं लिखी, बल्कि पहाड़ के एक महान विद्वान ठाकुर धनसिंह बर्तवाल जी ने लिखी थी।

लम्बे अरसे से बद्री नारायण की आरती को लेकर असमंजस की स्थति बनी हुई थी और अब तक सभी इस बात को सच मानकर चल रहे थे कि आरती मौलाना बदरुद्दीन शाह ने लिखी है लेकिन इस बात का प्रमाण अब मिल चुका है बदरीनाथ जी की आरती ‘पवन मंद सुगंध शीतल’ के रचयिता ठाकुर धनसिंह बर्तवाल थे।

जरूर पढ़ें : पहाड़ जैसा पिथौरागढ़ की माउंटेन गर्ल शीतल का जज्बा ! 23 वर्ष की उम्र में किया माउंट एवेरेस्ट फतह !

1881 में स्वर्गीय ठाकुर धनसिंह बर्त्वाल ने इस आरती को लिखा था और इसकी पांडुलिपि आज भी मौजूद है। रुद्रप्रयाग जिले में तल्ला नागपुर पट्टी के सतेरा स्यूपुरी के विजरवाणा के रहने वाले स्वर्गीय ठाकुर धनसिंह बर्त्वाल ने ये आरती लिखी थी। पाण्डुलिपि के अंत में लिखी सूचना के मुताबिक ये माघ माह 10 गते (सन् 1881) को स्व0 ठाकुर धनसिंह बर्त्वाल द्वारा लिखी गयी है।

जरूर पढ़ें : साहब आकांक्षा की खूबसूरत जोड़ी ने मेरी दगड़्या गीत में दी आवाज !साहब सिंह रमोला ने लिखे हैं गीत के बोल !

बद्रीनाथ आरती पर यूसैक की मुहर पहले ही लग गई थी।अब कार्बन डेटिंग से स्थति और साफ़ हो गई कि श्री बद्रीनाथ जी की आरती स्व. धन सिंह बर्तवाल द्वारा संवत 1938 (सन 1881) में लिखित है।इस पाण्डुलिपि की मुख्य विशेषता ये है कि वर्तमान आरती का प्रथम पद यानी ‘’पवन मंद सुगन्ध शीतल” इस आरती का पांचवा पद है।

जरूर पढ़ें : उत्तराखण्डी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने हेतु नेगी दा की” धै ” ! कब जागेगी सरकार ?

ठाकुर धनसिंह के परिजनों की तारीफ खुद सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की है। सीएम त्रिवेंद्र ने लिखा ‘कार्बन डेटिंग से स्पष्ट हो गया है कि श्री बद्रीनाथ जी की आरती स्व. धन सिंह बर्तवाल द्वारा संवत 1938 (सन 1881) में लिखित है। बर्तवाल जी के परिजनों ने बद्रीनाथ जी की आरती की पांडुलिपि भेंट की जिसकी कार्बन डेटिंग हुई है। धन सिंह जी के परिवार ने हमारी प्राचीन सभ्यता को संजोकर रखने का सराहनीय प्रयास किया है’

पाण्डुलिपि में गढ़वाली भाषा के शब्दों का प्रयोग भी है। जैसे कौतुक के स्थान पर कौथिग, पवन के स्थान पर पौन और सिद्ध मुनिजन के स्थान पर सकल मुनिजन अंकित है। यूसैक ने भी अपनी जांच के बाद बद्रीनाथ जी की आरती की पांडुलिपियों को सही पाया है। जांच में ये भी पाया गया कि बद्रीनाथ जी की आरती 137 साल पहले रुद्रप्रयाग जिले में तल्ला नागपुर पट्टी के सतेरा स्यूपुरी के विजरवाणा के रहने वाले स्वर्गीय ठाकुर धनसिंह बर्त्वाल ने ही लिखी है। अब सीएम त्रिवेंद्र ने भी ठाकुर धनसिंह बर्तवाल के परिजनों से मिलकर इसकी खुले दिल से तारीफ की है। इस मौके पर यूसैक के निदेशक एमपीएस बिष्ट, ठाकुर धनसिंह बर्तवाल की अनमोल कृति को संभाले रखने वाले ठाकुर महेन्द्र सिंह बर्तवाल, समाजसेवी गंभीर बिष्ट भी मौजूद थे।।

Hillywood News
Rakesh Dhirwan
सुनिए बद्रीनाथ की आरती :

Facebook Comments

About Hillywood Desk

Check Also

मधुली नया गढ़वाली गीत हुआ रिलीज,संकल्प खेतवाल और दीपशिखा ने दी आवाज, पढ़ें।

मधुली नया गढ़वाली गीत हुआ रिलीज,संकल्प खेतवाल और दीपशिखा ने दी आवाज, पढ़ें।

उत्तराखंड के युवा गायक संकल्प खेतवाल (Sankalp Khetwal) और दीपशिखा की जुगलबंदी में मधुली (Madhuli) …

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: