उत्तराखंड में उठी भू कानून की मांग,कलाकारों ने भी किया समर्थन।

0
187
demand-for-land-law-arose-in-uttarakhand-artists-also-supported

उत्तराखंड के युवाओं ने बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर भू कानून की मांग को लेकर मुहिम छेड़ दी है,पलायन एवं बेरोजगारी की मार झेल रहा पहाड़ी राज्य उत्तराखंड अब अपनी ही जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है,वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने भू कानून में संशोधन किया था जिसमें बाहरी राज्यों के संपन्न लोग जो उत्तराखंड में जमीन खरीदना चाहते हैं उसकी सीमा समाप्त कर दी गई,जिसका उस दौरान काफी विरोध भी हुआ और अब एक बार फिर ये मुद्दा जोर पकड़ रहा है।

demand-for-land-law-arose-in-uttarakhand-artists-also-supported

 

यह भी पढ़ें: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ये कुमाउनी गीत,खूब झूम रहे श्रोता।

उत्तराखंड राज्य बने 20 वर्ष पूरे हो चुके हैं लेकिन राज्य वासियों ने जिस उम्मीद से अलग राज्य की मांग की थी हालात अब भी वहीँ हैं या यूँ कहें और भी बदतर हो रही हैं,लेकिन अब समाज शिक्षित हो चुका है,पहाड़ी राज्य हिमाचल की तर्ज पर ही अब उत्तराखंड में नए भूमि कानून बनाने की मांग होने लगी है।

यह भी पढ़ें: दीवान सिंह के संगीत के दीवाने हुए उत्तराखंडी,आवारा छोरा ने बटोरे 1 लाख व्यूज।

उत्तराखंड की मुख्य आजीविका का श्रोत कृषि है और अधिकांश क्षेत्र जंगल से घिरा हुआ है,लेकिन सरकार इसी क्षेत्र को बाहरी राज्यों के व्यक्तियों या व्यवासियों को बेचने की अनुमति दे देती है जिससे पूर्वजों की मेहनत पसीने से कमाई गई अमूल्य धरोहर पर किसी और का कब्ज़ा हो जाता है।

यह भी पढ़ें: सुनील थपलियाल के गीत पिस्यू ल्वौंण का पोस्टर जारी,जल्द ही रिलीज की तैयारी।

उत्तराखंड भौगोलिक नजरिए से काफी संवेदनशील राज्य है,भूकंप,आपदा जैसे कई जख्म उत्तराखंड झेल चुका है,इन सबका एक ही कारण है विकास के नाम पर हो रहा विनाश,ऐसे में अगर आजीविका का मुख्य श्रोत कृषि योग्य भूमि ही नहीं बचेगी तो पलायन जैसी समस्याएँ और भी बढ़ती जाएंगी।

यह भी पढ़ें: सुनील थपलियाल के गीत पिस्यू ल्वौंण का पोस्टर जारी,जल्द ही रिलीज की तैयारी

सोशल मीडिया पर उत्तराखंड मांगे भू कानून की मुहीम छिड़ने के बाद अब हर कोई इस मामले पर चर्चा कर रहा है और अब समझ चुके हैं कि पुरखों की जमीन बेचकर कुछ नहीं होगा चंद पैसों के लिए अपनी जमीन बेचकर हम कहीं के नहीं रहेंगे।सोशल मीडिया पर उठी इस मांग को अब उत्तराखंड संगीत जगत से जुड़े कलाकार भी समर्थन दे रहे हैं हालाँकि इसमें किसी बड़े नाम ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह भी पढ़ें: कुमाऊंनी वीडियो गीत के भली मुखुड़ी बना दर्शकों की पंसद,बटोरे लाखों व्यूज।

एक कलाकार समाज का प्रतिनिधित्व करता है,और उससे कई लोगों की भावनाएं जुडी होती हैं,एक गीत में इतनी ताकत होती है कि वो तख्तापलट कर सकता है तो क्यों नहीं भूमि कानून की इस मुद्दे पर कलाकार आगे आकर उत्तराखंडियों का प्रतिनिधित्व करें,युवा पीढ़ी के कलाकार सोशल मीडिया पर इसको लेकर तो पोस्ट कर रहे हैं लेकिन जिन कलाकारों ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का काम किया है अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधे  हुए हैं।

आप भी अगर चाहते हैं कि उत्तराखंड एक हो और भूमि कानून बने तो जरूर इस मुहिम से जुड़िए और उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर,अस्मिता को बचाने में अपना योगदान दें।

उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत की सभी ख़बरों को विस्तार से देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को यूट्यूब पर सब्सक्राइब करें।