बिग बी कर रहे हैं कोरोना वार्ड में कविता पाठ !कहा बाबू जी की कविताएं ही अकेलेपन का सहारा !

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बॉलीवुड के बिग बी अमिताभ बच्चन की रिपोर्ट जबसे कोरोना पॉजिटिव आई है तब से अमिताभ बच्चन मुंबई के अस्तपताल में अपना इलाज करवा रहे हैं और वहां से पल पल की अपडेट अपने प्रसंशकों को देते रहे हैं।

अमिताभ बच्चन उस दौर के अभिनेता हैं जब सोशल मीडिया का दूर दूर तक कोई नाता नहीं था लेकिन समय बदला और बदलते समय के साथ बिग बी भी बदल गए और सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म पर एक्टिव हो गए,और उनके प्रशंसकों ने भी बिग बी का जोरदार स्वागत किया,सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग बस संख्या मात्र है उनके चाहने वाले दुनिया भर के लोग हैं।

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बच्चन साहब लगातार अपने पूज्य बाबू जी हरिवंश राय बच्चन की कविताओं को शेयर करते रहे हैं और उनकी कविताओं का मर्म बताते रहे हैं,इस बार अमिताभ बच्चन ने वीडियो के माध्यम से हरिवंश राय बच्चन की कविता निशा निमंत्रण की कुछ पंक्तियाँ उन्हीं के अंदाज में बैठकर कविता पाठ की हैं और वीडियो अपने प्रसंशकों तक साझा किया।

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हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के सबसे लोकप्रिय कवियों में से एक हैं बच्चन जी की लोकप्रिय कविताएं मधुशाला, मधुबाला, मधुकलश, मिलन यामिनी, प्रणय पत्रिका, निशा निमन्त्रण, दो चट्टानें लोकप्रिय काव्य संग्रह हैं। हरिवंश राय बच्चन को दो चट्टानें के लिए 1968 का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त है।

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FB 2806 – बाबूजी की कविता के कुछ पल । वो इसी तरह गाया करते थे कवि सम्मेलनों में । अस्पताल के अकेले पन में उनकी बहुत याद आती है, और उन्हीं के शब्दों से अपनी सूनी रातों को आबाद करता हूँ ।

Posted by Amitabh Bachchan on Sunday, 26 July 2020

कवि बच्चन जी ने इस कविता के माध्यम से जीवन में निराशावादी लोगों को ये संदेश दिया है कि कितनी भी मुश्किलें हो लेकिन उनसे लड़ना होगा उनकी पंक्तियाँ स्पष्ट कहती हैं है अँधेरी रात पर दिवा जलाना कब मना है इसीलिए अपने जीवन में  आशा का प्रकाश स्वयं ही लाना होगा।

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हरिवश राय बच्चन की निशा निमंत्रण काव्य से कुछ पंक्तियाँ ;

क्या हवाएँ थीं कि उजड़ा प्यार का वह आशियाना
कुछ न आया काम तेरा शोर करना, गुल मचाना
नाश की उन शक्तियों के साथ चलता ज़ोर किसका
किंतु ऐ निर्माण के प्रतिनिधि, तुझे होगा बताना
जो बसे हैं वे उजड़ते हैं प्रकृति के जड़ नियम से
पर किसी उजड़े हुए को फिर बसाना कब मना है
है अँधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है।

 

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