नवरात्रि में कन्या पूजन के लिए बेस्ट गिफ्ट, देखते ही खुश हो जाएंगी देवियां

0

शारदीय नवरात्रों का पावन पर्व में माता रानी को खुश करने के लिए लोग 9 दिनों तक माता के व्रत रखते हैं पूजा करते हैं और अंत के दिन में कन्‍याओं को भोजन करा कर माता रानी का आशीर्वाद लेते हैं। वहीं माता का रूप स्वरूप कन्याओं को भोजन कराने के साथ भेंट में कुछ उपहार देने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। मान्‍यता है, कि नवरात्रों में मां भवानी इन छोटी कन्‍याओं के रूप में आशीर्वाद देने आपके घर आती हैं। इन कन्‍याओं को आदर के साथ घर बुलाना चाहिए और इन्‍हें सम्‍मान के साथ भोजन कराकर भेंट देनी चाहिए। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे 5 गिफ्ट्स के बारे में जिनको कन्‍याओं को देने से भगवती आप पर प्रसन्‍न होती हैं।

यह भी पढ़ें: हरी शंकर का गीत हुआ वायरल, सेकंडो के हिसाब से गीत पर दर्शकों का मेला

नवरात्र में आप कन्‍या भोज करें तो कन्‍याओं को उपहार के रूप में “लाल वस्‍त्र” देने का विशेष महत्‍व होता है। अगर किसी वजह से आप लाल वस्‍त्र देने में असमर्थ है तो सभी कन्‍याओं को लाल रंग की चुनरी दे सकते हैं। लाल रंग को वृद्धि का प्रतीक माना जाता है और इसके साथ ही लाल रंग मां की पोशाक का रंग होने के कारण भी बेहद शुभ माना जाता है। वहीं लाल रंग के वस्‍त्र देने से आपका मंगल भी मजबूत होता है।
परंपराओं के अनुसार माता रानी की रूप स्वरूप कन्याओं को जब विदा किया जाता है तो विदाई में उनको कोचा दिया जाता है। इस कोचे में चावल और गुड़ दिया जाता है। मान्‍यता है कि इससे आपके घर के धन-धान्‍य में वृद्धि होती है। नवरात्र में भी आप कन्‍या भोज करें तो विदा करते समय कन्‍याओं को उपहार के साथ थोड़ा सा चावल और जीरा भी देना चाहिए। इससे आपके घर में संपन्‍नता बढ़ती है।

 यह भी पढ़ें: Hilly Queen दीक्षा का ‘Coca Cola’ वायरल, ठुमकों में झूमे पहाड़ी

नवरात्र में कन्‍या भोज कराने के बाद भेंट में कन्‍याओं को ऋंगार की सामग्री भी उपहार में दे सकते हैं। यह ऋंगार सामग्री पहले माता को अर्पित करनी चाहिए और उसके बाद छोटी-छोटी कन्‍याओं में बांट देनी चाहिए। मान्‍यता है कि कन्‍याओं द्वारा ग्रहण की गई ऋंगार सामग्री सीधे माता द्वारा स्‍वीकार कर ली जाती है।

नवरात्र का कन्‍या भोज करने में कन्‍याओं को कम से कम एक “मौसमी फल” जरूर देना चाहिए। माना जाता है कि, नवरात्र में कन्‍याओं को “फल” देने से आपको आपके अच्‍छे कर्मों का फल कई गुना वापस होकर प्राप्‍त होता है। फलों में सबसे शुभ “केला” और “नारियल” को माना जाता है। माना जाता है। केला विष्‍णुजी का प्रिय फल और नारियल यानी श्रीफल मां लक्ष्‍मी को प्रिय है। इन दोनों को ही दान करने से आपके घर की सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।

यह भी पढ़ें: आशीष नेगी का नया म्यूजिक वीडियो रिलीज़, रूचि रावत ने बिखेरे जलवे

नवरात्र में कन्‍याओं को विदा करते समय उन्‍हें दक्षिणा के स्‍वरूप कुछ रुपये-पैसे भी जरूर देने चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्‍मी आप पर प्रसन्‍न होती हैं और आपके भंडार भर देती हैं। हो सके तो कन्‍याओं को अपनी सामर्थ्‍य के अनुसार 11, 21 या फिर 51 रुपये देने चाहिए।

उत्तराखंड फिल्म एवं संगीत जगत की सभी ख़बरों को विस्तार से देखने के लिए हिलीवुड न्यूज़ को यूट्यूब पर सब्सक्राइब करें। 

 
Exit mobile version