कोटद्वार के बाद देहरादून में भी कोदे से बने मोमोज का क्रेज शुरू

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आजकल सब पर फास्ट फूड और मोमोज का क्रेज छाया हुआ है। सब अपने परम्परागत खानो को छोड़कर बाहरी खाने को अपना रहे है। आजकल फ़ास्ट फ़ूड की दौड़ में युवाओ की पहली पसंद मोमोज बने हुए है। भिन्न भिन्न प्रकार के मोमोस तो होंगे लेकिन अब इन बाहरी मोमोज को टक्कर देने उत्तराखंड के मोमोज यानी कोदे (मडुंआ) से बने मोमोज बाजर में आ गए है।

Kode Momos

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आजकल हर तरफ दौड़ बाहरी खाने की चली है। किसी भी उम्र का व्यक्ति घर से ज्यादा बाहर के खाने की तरफ आकर्षित होते है। अगर बच्चो की बात करे तो कोई भी घर के खाने से ज्यादा बाहर के खाने को पसंद करते है। आजकल क्रेज चला फास्ट फ़ूड का जिसमे मोमोस सबकी पहली पसंद बना हुआ है। हर गली महोल्ले या कोई रेस्ट्रोरेंट हो सबसे ज्यादा मांग मोमोस की होती है। और जब बात उत्तराखंडियों की हो तो वो कैसे अपने हुनर को इस क्रेज से पीछे रख सकते है।

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आजकल कोटद्वार में मंडुवे से बने मोमोज चर्चाओं में बने हुए ठये जिसके बाद में देहरादून में भी मंडुवे के मोमोज ने बाहरी मोमोज की जगह लेली। आपको बता दें की जोलीग्रांट एयरपोर्ट से 7 km दूर थानों में एक second inning नाम से एक रेस्ट्रोरेंट स्थित है। जहां पर मंडुवे व लौकी से बने मोमोज मिलते है।

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इस रेस्ट्रोरेंट के मालिक दीपक उपाध्याय का कहना है की पारम्परिक अनाज को इस तरिके से सबके समक्ष लाने से सबके भीतर पारम्परिक अनाज के प्रति लगाओ जरूर बढ़ेगा। इस रेस्ट्रोरेंट के खुलते ही यहां पर मोमोज के खरीदारों की भीड़ सी लग गयी। यहां पर मोमोज की एक प्लेट की किमंत मात्र 80 रूपय है, एक बार इन मोमोज का स्वाद लेने के बाद आप इन मोमोज को दुबारा और बार बार खाना जरूर पसंद करोगे। आप भी इस रेस्ट्रोरेंट में व कोदे से बने मोमोज का लुफ्त उठा सकते है।

सीमा रावत की रिपोर्ट

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