राज्य समीक्षा का सच्चाई पर आधारित गीत ”आंछरी ” रिलीज

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Aachari Garhwali Video

वैसे तो हमारा उत्तराखंड बहुत महान हैं | उत्तराखंड यानि देवो की भूमि जिसकी खूबसूरती के चर्चे हर तरफ होते है लेकिन कुछ असुविधाओं के कारण यहां आज भी प्रत्येक वर्ष कई मौते हो जाती है | इन असुविधाओं के ऊपर राज्य समीक्षा चैनल से मिथलेश नौटियाल के द्वारा लिखा एक गीत ”आंछरी ”रिलीज हुआ | इस गीत में एक शादीशुदा जोड़े की प्यार भरी कहानी दर्शायी है| जिसमे लड़के के किरदार में मिथलेश नौटियाल और लड़की के अभिनय में 90.4 रेडिओ ख़ुशी की आर जे रोशनी खंडूरी |

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इस कहानी की शुरुवात में गांव की खूबसूरती में लड़की के लिए प्यार की भावना को सुरो में बाँधा गया है | इस गीत में देखा जाये तो उत्तराखंड का वो सच दिखाया गया है जिसका सामना यहां के वासियों को करना पड़ता है | पूरे गीत में पति -पत्नी व परिवार तथा गांव का दृश्य दिखाया है | साथ ही गीत में दिखाया है जब एक लड़की /पत्नी गर्भवती होती है तो घर में एक अलग ही ख़ुशी का माहौल होता है। लेकिन जब एक हादसा उस औरत के साथ होता है की वो पानी लेकर आते वक़्त गलती से गिर जाती है तो मानो सब ठहर सा जाता है | गांव में उचित इलाज तो मिलता नहीं है या यूँ कहे की इलाज की कमी अभी भी उत्तराखंड में बनी है |

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गीत में लड़की को अस्पताल ले जाना होता है किन्तु असुविधाओं के कारण उसे किसी एम्बुलेंस में नहीं बल्कि गांव की लोकल गाडी में उसे ले जाया जाता है किन्तु रास्ते में ही उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो जाती है जिस वजह से रास्ते में ही बिना किसी सुविधा के वो बच्चे को जन्म देती है लेकिन उस औरत की मौत हो जाती है | यह घटना सिर्फ गीत में नहीं बल्कि हर वर्ष उत्तराखंड में घटित होती है | प्रत्येक वर्ष डॉक्टरों की कमी या हॉस्पिटल में पर्याप्त सुविधा न होने के कारण ऐसी कई औरते अकाल मृत्यु को गले लगा लेती है |

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इस गीत में मिथलेश नौटियाल ने हर एक व्यक्ति को सच्चाई से बखूबी जोड़ा है | एक कलाकार की कला का पता तभी चलता है जब वो किसी चीज को सिर्फ नाम पाने या फेमस होने के लिए नहीं अपितु लोगो को सच से रूबरू करवाता है | यह गीत बहुत मार्मिक है और रौशनी खंडूरी तथा मिथलेश नौटियाल के अभिनय ने इस गीत में जान भर दी | अक्सर कलाकार सच्चाई के ऊपर गीत को बखूबी से दर्शाते है लेकिन इस गीत के जैसा ही कोई मार्मिक गीत बना हो, जो हर किसी को सोचने पर मजबूर करदे की वाकई में हम अभी भी उस उत्तराखंड में रह रहे है | जहा पर असुविधाओं के कारण कई घर वीरान हो जाते है | कही न कहीं ये असुविधाएं भी एक कारण है इसलिए आज कोई पहाड़ो में वास नहीं करता |

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लेकिन क्या हमेशा यह दिक्क़ते ऐसी ही बनी रहेगी ? अगर एक कोशिश की जाए तो इन दिक्क्तों को दूर किया जा सकता है | मिथलेश ने अपने गीत के जरिये कई दर्शको के मन में सवाल जरूर उत्पन्न किये होंगे | साथ ही अपने गीत के जरिये शायद उनकी बात सरकार तक भी जरूर पहुंचेगी | इस गीत को देखने के बाद शायद हर किसी का मन रो पड़े |

आप भी देखे इस गीत को |

सीमा रावत की रिपोर्ट

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