पारंपरिक वाद्य यंत्रों का हमारी पहाड़ी संस्कृति में है अहम महत्व: सीएम धामी।

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पारंपरिक वाद्य यंत्रों का हमारी पहाड़ी संस्कृति में है अहम महत्व: सीएम धामी।

प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी से सीएम आवास पर मंगलवार को उत्तराखंड के कलाकारों के दल ने भेंट की, सीएम ने कहा कि लोक परंपरा को आगे बढ़ाने में कलाकारों की अहम भूमिका होती है. एवं लोक कला व लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर वार्ता हुई.

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देहरादून: सीएम आवास में मंगलवार को उत्तराखंड के कलाकारों के दल ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की. इस अवसर पर उत्तराखंड में लोक कला एवं लोक संस्कृति को बढ़ावा देने पर बातचीत हुई, दून के नालापानी रोड स्थित एक भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री धामी ने ढोल-दमाउ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन पारंपरिक वाद्य यंत्रों का हमारी पहाड़ी संस्कृति में बहुत महत्व हैं, इसलिए इस कला को विलुप्त होने से बचाने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए. इसके अलावा उन्होंने ढोल भी बजाया,

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मुख्यमंत्री ने कहा की लोक परम्परा को आगे बढ़ाने में कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. किसी भी क्षेत्र की पहचान में वहां की लोक संस्कृति, बोली एवं लोक परम्परा का अहम योगदान होता है, जन चेतना से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जागरूकता में हमारे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, आगे उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है, उन्होंने कोरोना को हराने के लिए सभी से कोरोनारोधी वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने की अपील की, उन्होंने कहा कि समाज में जो भी संपन्न हैं, उन्हें पिछड़ों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए.

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इस मौके पर कार्यक्रम में मौजूद पद्मश्री डा. प्रीतम भरतवाण ने कहा कि उनकी एकेडमी में ढओल संस्कृति के विविध एतिहासिक धरोहरीय पक्षों को जानने के लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. साथ ही लोक धरोहर के विषय जागर ,लोकगीत, छोल सागर एवं सभी पारंपरिक वाद्य यंत्रों का जानकारी के साथ उन्हें दक्ष किया जाएगा. कार्यक्रम में सीएम ने प्रीतम भरतवाण की ओर से लोक संस्कृति के उत्थान के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की. उन्होंने अन्य व्यक्तियों से भी इस प्रखार के कार्यों के लिए आगे आने का आह्वान किया. इसके अलावा कार्यक्रम में कलाकारों के दल में कमल भंडारी,प्रदीप भंडारी, जितेंद्र पंवार, पदम गुसाईं, रवि गुसाईं एवं अन्य मौजूद रहे.

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