दक्ष कार्की ने छमना छोरी गीत गाकर किया अपने पापा को याद,आप भी सुनें।

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उत्तराखंड के संगीत जगत में कुमाउनी गायक पप्पू कार्की के गीतों को दर्शक आज भी बहुत याद करते हैं,आज पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की का जन्मदिन है,इस अवसर पर दक्ष ने पप्पू दा के सुपरहिट गीत डीडीहाट की छमना छोरी को गाकर अपने पापा को याद किया है। 

 

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स्वर्गीय पप्पू कार्की के निधन के बाद उनकी संगीत विरासत को सँभालने का काम दक्ष कार्की बखूबी कर रहे हैं,पप्पू दा के गीतों को दक्ष अपनी मधुर आवाज से सजा रहे हैं,2 साल पहले दक्ष ने सुन ले दगड़िया गीत गाकर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया था और सब समझ गए थे कि पप्पू कार्की की विरासत को दक्ष भली भाँती संभाल लेंगे।

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सुन ले दगड़िया के बाद दक्ष ने पप्पू कार्की के सुपरहिट गीत उतरैणी कौथिग को आवाज दी जो दर्शकों ने खूब पसंद किया और आज अपने जन्मदिन पर दक्ष ने एक और गीत डीडीहाट की छमना छोरी गाया है,गीत में दक्ष की मासूमियत ने एक बार सबका दिल जीत लिया।

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उम्र के बढ़ने के साथ ही दक्ष की गायन शैली में भी निखार आ रहा है,दक्ष गायन के साथ ही ब्लॉगिंग का भी शौक रखते हैं और अपने प्रसंशकों से जुड़े रहते हैं,अपनी मासूमियत भरी बातों से दक्ष उत्तराखंडी दर्शकों के चहेते बन गए हैं और पप्पू दा की ही तरह दक्ष को भी उत्तराखंडी संगीत में एक बड़ा नाम बनाना देखना चाहते हैं। दक्ष ने मकर संक्रांति जिसे कुमाऊं में घुघतिया त्यौहार से भी जाना जाता है पर भी ‘काले कौआ काले घुघतिया माला खाले’ गीत गाया है इसके साथ ही इन्होने ‘पुण्य महीना माघ को’ गीत गाकर भी उत्तराखंड की सभ्यता संस्कृति को उजागर करने का प्रयास किया है।

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दक्ष कार्की को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं,आप ऐसे ही आगे बढ़ते रहो और अपने पापा के नाम को और भी ऊँचा करो।

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